मेरा पूरा नाम धीरज आमेटा है, तखल्लुस 'धीर'! मैं राजस्थान के उदयपूर शहर का बाशिन्दा हुँ! अब तक उम्र के २६ सावन देख पाया हुँ! पिछ्ले तीन साल से गुड़ग़ाव(हरियाणा) में एक हार्डवेयर कम्पनी में इन्जिनियर की हैसियत से काम कर रहा हुँ!
शायरी की ओर रुझान तो कालेज के ज़माने से ही था मगर तब सिर्फ़ पढ़ना और सुनना मज़ा देता था! अब करीबन ढाई साल से शायरी करने का भी शौक़ हो गया है! इन्टेरनेट की चुनिन्दा अदबी महफ़िलों में शिरक़त कर के दोस्तों की खिदमत में अपनी गज़लें पेश करता हुं और उनके राय-मशवरों से सीखता हुँ! इन्ही महफ़िलों के ज़रिये मेरा परिचय मोहतरम सरवर अलम राज़ 'सरवर' से हुआ जिनकी रहनुमाई से मेरे सुखन का सफ़र चल रहा है!

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